मेरा सोच
उत्तम कार्य करने के लिए प्रयास करना
प्रेरणास्पद
तथा
निराशाजनक होता है।
मनुष्य का जैसा आचरण होता है,
वैसा ही वह दुसरे मनुष्यों में देखता है।
अच्छे आचरण से परिपूर्ण इंसान हमेशा दुसरे मनुष्यों में अच्छाई की तलाश करता और
उसे इंगित करता
तथा
दूसरों के सामने उसका उदाहरण देकर उसकी बढ़ाई करता है ।
ठीक विपरीत
आचरणहीन हमेशा दुसरों में उसी गलती या बुराई की तलाश करता है
जो उसमें निवास करती है।
वह हमेशा दुसरों की उस बुराई का बखान करता है।
जिस पर वो हमेशा पर्दा लगाए रखता है।
रवि "मनुष्य जैसा रहता है वैसा ही वो दुसरों के बारे में सोचता है।"
रवि बेक (प्रेम)
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