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बुधवार, 21 मार्च 2012

उनका साथ


जीवन की राह पे उनके बिना सफ़र तय करना शायद अब....... 
वो रहे जब हमारे साथ तो हमने 
उसे इतनी एहमियत नहीं दी 
उनके कहे बातों को सुन कर अनसुना कर दिया  
और आज जब वो नहीं रहे

शुक्रवार, 9 मार्च 2012

अबकी होली में तो


होली के दिन दिल खिल जाते है रंगों में रंग मिल जाते है..... पुरे शोर से ये गाना बज रहा था, 
पुरे इलाके में सब के सब होली के  रंग में नहा के सराबोर थे ऐसा लग रहा था जैसे आज ही पूरी मस्ती का दिन है 
सारे दोस्त रंगों से लगे चेहरे में बड़े मस्त लग रहे थे 

गुरुवार, 8 मार्च 2012

आखिरी खत

प्रिय अनमोल,                                                                                   ८/3/२०१२ 
 माँ का ह्रदय तो ऐसे भी कोमल होता है  
                     आशा है कि आप सब लोग सकुशल होगे. आपको पत्र लिखे २०-२२ दिन हो गए. ये मेरी जिंदगी का आखिरी ख़त होगा. लिखना तो नहीं चाहती थी पर

गुरुवार, 1 मार्च 2012

हवाओं ने मुझे आज सिखा दिया


हरे पत्तों  से बंधा ये  पेड़ 

इस पतझड़ में सूख कर हर पत्ता पत्ता
साथ छोड़ने को व्याकुल है 
जीवन की सच्चाई से सामना मेरा आज हो गया 
हवाओं ने मुझे आज सिखा दिया

प्यार की दुनिया में ही नफरत मिलती है



""नफरतों का भी इक अलग एहसास है
जो लोगों को प्रेम के द्वार में लाता है""

प्यार की उम्मीद


मैं प्यार के लिए तो  एक सही व्यक्ति नहीं हूँ, 
पर नफरत के लिए भी नहीं
मैं हर किसी को समान रूप से प्यार करने की कोशिश करता हूँ