प्रायः हम सोचते है कि कौन हमसे प्यार या प्रेम करता है।
अकसर हम इसलिए परेशान रहते है कि
दूसरे हमारी इज्जत नहीं करते,
हमसे प्यार नहीं करते हमें महत्व नहीं देते।
हम इन्ही लोगों को अपने ख्यालों में इतना महत्व दे देते है
कि अपना खुद का व्यक्तित्व भी धूमिल कर बैठते है।
हम खुद दूसरों से प्यार करना भूल जाते है
अपनी ही इज्जत नहीं करते है।