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बुधवार, 29 फ़रवरी 2012

दर्द


 रवि 
दिल को इतना बड़ा करना कि हर दर्द  उसमे समां जाये
फिर प्यार की जगह नफरत की ये  कड़वाहट चुभन तुम्हे नहीं मिलेगा

किस से पूछोगे



एक एहसास 

फूलों की खुशबू में नहाया था तन मेरा
प्रफुलित हो कर  नया गीत गा रहा था

इक अमर प्रेम की दास्तान


अबकी पतझड़ शायद हम भी उजड़ेंगे 
आपकी वो तेज़ हवाओं में 
उन पत्तों की तरह 
जो बिखरे है हर बागों के ढेर में

सोमवार, 20 फ़रवरी 2012

इश्क का गीत

इश्क है तो फिर समझ लो वो तो......
प्रेम की वो बहार जिसे लोग इश्क कहते है खुशनसीव है वो जो इनके ऊंचाई को जानते है