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गुरुवार, 31 मई 2012

बस उसे ही देखते रहे

बस उसे ही देखते रहे
भरी महफ़िल में नज़रें चुरा कर बस उसे ही देखते रहे
चुपके से अगर नज़रें मिल जाये तो 
दिल की ख़ुशी लफ़्ज़ों में बयां नहीं हो रहे है
हालात की कसमकस में आज  तूफान भी आये तो डर नहीं
अब तो बस उसकी ही तस्वीर मेरे दिलो-दिमाक में बस गयी है

उनके पलक झपकते  भूरी भूरी आँखों में सारे जग का प्यार छलक रहा है 
गालों में पड़े डिम्पल ने तो मुझे इस गहराई में डुबो दिया है कि शायद अब इससे निकलना मुश्किल है
जुल्फों की सुनहरी घटाओं और उसके तन की खुशबू 
मुझे ऐसे मदहोश कर रही है
मानो बागों के सारे फूलों  की खुशबू  आज यहीं आ गई हो

 है  कोई बात उसमे  जो मुझे उसकी  ओर खिंचा ले आ रहा है 
उस  को पाने के लिए अब तो हर सवालों के जबाब देने को तैयार हूँ 
मानों से ये दिल किसी का ना हुआ पर जब उनको देखा तो सारे जग में लगी वो सबसे प्यारी  
बस  यही है मेरे सपनो की वो राजकुमारी 
जिसने अँधेरे दिल के समुन्दर में 
ख़ुशी के लहरों में कुछ   दीये जला दिए

"सफ़र की मंजिल अब तुम  ही हो 
प्यार की ख़ुशी बस तुम ही हो 

ख्यालों में   देखा   साथ-साथ
जख्मों की  दवा लिये  

तेरे दम पे ही अब तो मेरा हाल सुधरे "
इस गहराई से चाहने लगा हूँ कि आज अगर रोयेंगे भी तो छलकते आंसुओं से.......

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