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| एक खिलता गुलाब है ज़िन्दगी |
जिन्दगी क्या है?
जिन्दगी तो जिन्दगी है। कोई कहता है - "जिन्दगी फूलों का गुलदस्ता है", तो किसी की नजर में "कांटो की सेज है।" किसी के लिए ख़ुशियों के सितारों से भरा आसमान है तो किसी के लिए गमों का सागर है। कोई इससे मिल कर खुश होता है, तो कोई इसके पास जाने से भी डरता है। जिन्दगी तो सभी जीते है पर अलग-अलग ढंग से - कोई गमों की रेखाएँ खींचता है तो कोई खुशियों का रंग भरता है।
जिन्दगी अनमोल है। ज़िन्दगी मनुष्य को सिर्फ एक बार मिलती है चाहे वह जी के खत्म हो जाती है या .....
(जिन्दगी को मृत्यु के बाद भी जीवित (अमर) रखी जा सकती है.... कुछ ऐसा करना है कि मर के भी जीयेंगे।)
"जिन्दगी एक सच्चाई भरा रहस्य है जो हम समझ पाये है ना तुम।"
आखिर क्या है जिन्दगी?
मैंने सभी से पुछा-
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| एक खिलता गुलाब है ज़िन्दगी |
बागियों के खिले फूलों ने कहा-जिन्दगी खिलने का नाम है।
बंसत ने हँसते हुए संदेश दिया-जिन्दगी महकने का नाम है।
कांटो की चुभन ने समझाया- जिन्दगी चुभने का नाम है।
पतझड़ ने सिखाया- जिन्दगी उजड़ने का नाम है।
हँसते हुए एक युवक (?) ने कहा- प्यार ही जिन्दगी है।
एक अमीर ने कहा- पैसा ही जिन्दगी है।
एक गरीब ने कहा- कड़ी मेहनत ही जिन्दगी है।
पिजड़े में बंद पक्षी ने कहा गुलामी ही जिन्दगी है।
क्या चीज है जिन्दगी?
काटों-भरा डगर है या फूलों की सेज है।
मैं सोचता हूँ दूसरों के लिए जीने का नाम जिन्दगी है।
जिन्दगी कैसी है पहेली कभी ये हँसाये कभी ये रूलाये......?


jiski jaisee soch uske liye vaisee hi hai zindgi.bahut bhavpoorn prastuti.badhai...
जवाब देंहटाएंbahut hi pyara ehsaash Zindagi ka .........
जवाब देंहटाएंbadhai ho Ravi G
बिलकुल सही बात लिखी हुई है।
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