प्यारा-सा है मिलन
मिलने पर भी लगता है
मिलन अभी आधा अधूरा है
बुलाये हो मिलने को पर
जब मिल जाते हो तुम
| लवों पे सिर्फ तेरा ही नाम है |
सच है ये.....
अपना तो हर दिन बस उसी की यादों में गुजर जाता है
अब तो बगैर उसके हम भी कुछ नहीं
ख्वाहिश तो है उनमें भी है कि कभी अलग ना हो हम
पर हालात को मंजूर शायद नहीं
बेशक लवों पे सिर्फ तेरा ही नाम है
पर जमाना लाख जुल्मो सितम ढाये
तेरा नाम उगुलवाने का पर वादा है मेरी जान
मर जाऊँ फिर भी नाम तेरा बदनाम नहीं करूँगा
अमर प्रेम की कहानी हर दिन एक नया अध्याय लिखती है
यकीन है मुझे हमारी कहानी की कद्र
सारी दुनिया करेगी
मँजिल क्या है हमारी ये तू ही बताना
क्योंकि मेरी मँजिले, राहें कसमें वादे. रात और दिन खुशियाँ हो या गम
सब बस तुम ही तुम हो
बिना तेरे जिन्दगी पेड़ की कोई सूखी टहनी सी होगी
आएगा हमारा भी वक्त जब लोग
हमारे प्यार की परवाह करेंगे
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