पर नफरत के लिए भी नहीं
मैं हर वो शब्द पढना और सुनना चाहता हूँ
जो मुझे अच्छा और भला बनने की प्रेरणा देता हो.
मैं उन सभी लोगों से मिलना चाहता हूँ
जो अच्छाई की राह में चलते हों
उन हर सदगुणों को अपने जीवन में आजमाना चाहता हूँ
जो इसके लिए जरुरी हो
हर वो आकाश को छूना चाहता हूँ
हर वो पहाड़ चढना चाहता हूँ
जो इसकी मंजिल तक ले जाती है
हर वो समुन्द्र की गहराई में जाना चाहता हूँ
जहाँ इसकी प्राप्ति होती है
हर वो किताब खोलना चाहता हूँ
जहाँ इसका वर्णन हो
हर उस आमंत्रण को स्वीकार करना चाहता हूँ
जो मुझे इसके राह पर ले जाय
हर उस स्थिति से गुज़र जाना चाहता हूँ
जो इसके लिए महत्वपूर्ण हो
मैं हर उस विकल्प को तलाशना चाहता हूँ
जहाँ इसका मुझसे सामना हो
मैं ऐसा कर सकता हूँ तो फिर मेरी जिंदगी का मकसद की निश्चित जीत तय है
तब मैं हर किसी से सच में प्यार की उम्मीद कर सकता हूँ
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